Drum Stick: सहजन (Sahajan) या मोरिंगा एक मौसमी सब्जी हैं। जिसका उपयोग आमतौर पर घरों में सब्जी के रूप में किया जाता हैं। ज्यादातर लोगों को यह पता ही नहीं हैं की सहजन का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता हैं। सहजन (Drum Stick) का इस्तेमाल केवल सब्जी के लिए नहीं बल्कि एक औषधि के रूप में भी किया जाता है।
सहजन के पेड़ की जड़ से लेकर फल तक लाभकारी हैं। सहजन (moringa in hindi) के फलों के साथ साथ इसके पत्ते और छाल का इस्तेमाल भी कई बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है। सहजन के पत्ते, छाल, तने, फल और फूल का अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है। आयुर्वेद एक्सपर्ट्स की मानें तो सहजन 300 से ज्यादा बीमारियों की दवा है।
सहजन में कार्ब्स, कैल्शियम, पोटेशियम, प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन ए, विटामिन बी और विटामिन सी आदि प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता हैं लेकिन गलत तरीके से या अधिक मात्रा में सेवन करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अधिक मात्रा में सहजन खाने से शरीर को कई नुकसान भी हो सकते हैं।
नुकसान के अलावा सहजन के कई चमत्कारी फायदे भी आयुर्वेद में बताये गए हैं। सहजन यानी मुनगा जोड़ों का दर्द दूर करने के साथ ही ब्लड शुगर कंट्रोल करने और हार्ट हेल्थ दुरुस्त रखने समेत अन्य कई परेशानियों में आराम दिलाती है।
सहजन का पेड़, जड़ से लेकर फल तक बेहद गुणकारी है। जलन कम करने में सहजन की छाल और पत्तों का लेप का इस्तेमाल किया जाता हैं। सहजन के बीज का तेल दर्दनिवारक और सूजननाशक होता है। सहजन के ऐसे कई फायदे और नुकसान आपको इस पोस्ट में बताएंगे:
सहजन क्या है? (What is Drum stick?)
सहजन (Drum Stick) का उपयोग आमतौर पर सब्जी के रूप में किया जाता हैं, जो मुख्य रूप से ट्रापिकल क्षेत्रों में पाया जाता है। यह एक प्रकार का वृक्ष होता हैं जिसमें फल्लियाँ और पत्तियां लगी होती हैं। सहजन की फल्लियाँ हरे रंग की एवं लगभग हाथ की अंगुली के समान मोटी होती है। सहजन स्वास्थ्यवर्धक आहार तो हैं साथ ही इसका उपयोग औषधि के रूप में भी किया जाता हैं।
सहजन को अंग्रेजी में ‘ड्रमस्टिक ट्री’ और बोटानिकल नाम मोरिंगा ओलेफेरा कहा जाता है, लेकिन भारत में कई जगह इसे मुनगा के नाम से भी जाना जाता हैं। सहजन का पेड़ छोटे या मध्यम आकार का होता हैं, जिसमें अक्सर फलियां लगने पर डालियां टूट जाती हैं। सहजन में विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन और ज़िंक जैसे विभिन्न पोषक तत्व पाए जाते हैं।
सहजन के फायदे (Drum stick Benefits and Uses in Hindi)
सहजन(Drum Stick) के फल, पत्ते, बीज और तने कई औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं, इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन और ज़िंक जैसे विभिन्न पोषक तत्व पाए जाते हैं। सहजन का उपयोग सब्जी के अलावा औषधि के रूप में भी किया जाता हैं। सहजन बेहद गुणकारी होती हैं इसके कुछ लाभ इस पोस्ट में बताएं गए हैं:
सिर दर्द में सहजन का सेवन फायदेमंद (Use Drumstick for Headache relief in Hindi)
सहजन (Drum Stick) बहुत ही बढ़िया दर्दनाशक हैं। सिर दर्द को दूर करने में सहजन लाभकारी होता हैं। सहजन की जड़ और पत्तियों का उपयोग करके आपको सिर दर्द से छुटकारा मिल सकता हैं। सहजन की जड़ के रस को गुड़ में मिलाकर छानने के बाद नाक में 1-1बूंद डालने से सिर दर्द (Headache) में लाभ होता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में (Use Drumstick for increasing immunity)
सहजन या मुनगा में भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता हैं जो शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता हैं। आसान भाषा में बोले तो सहजन सर्दी और फ्लू जैसी बीमारियों से बचाने में मदद करता है।
टाइफाइड में सहजन से फायदा (Drumstick is Beneficial in Typhoid in Hindi)
टाइफाइड से उभरने में सहजन आपकी काफी मदद कर सकता हैं। खासकर सहजन की छाल को पीसकर उसका सेवन करने से टॉयफाइड में लाभ होता है। आप चाहें तो सहजन की जड़ों को पानी में उबालकर भी इसका सेवन कर सकते हैं, टाइफाइड में यह बेहद लाभकारी होता हैं।
मुनगा से हार्ट हेल्थ में सुधार (Moringa improves Heart Health)
मुनगा में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो हृदय स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करते हैं। सहजन में उपस्थित एंटीऑक्सीडेंट ह्रदयमें कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में काफी मदद करता है।
कान के रोगों में सहजन के फायदे (Benefits of Drumstick in Ear Diseases)
सहजन की जड़, छाल और गोंद कान के रोगों के लिए रामबाण की तरह काम करते हैं। सहजन की जड़ का रस और शहद को गर्म करके कान में डालने से कान का दर्द (Ear Pain) कम होता है।
सहजन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है (Drumstick strengthens the digestive system)
सहजन में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है जो पाचन क्रिया में सुधारने में मदद करता है। मुनगा का सेवन करने से यह आपको कब्ज और पेट फूलने की समस्या से राहत दिलाता है।
सहजन के नुकसान (Side Effects of Drumstick in Hindi)
सहजन में बहुत सारे गुण हैं तो कुछ अवगुण भी हैं। जिस वजह से कुछ बीमारियों में मुनगा का सेवन करना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। सहजन किसी सुपरफूड से कम नहीं है, लेकिन इसका बेधड़क सेवन करने से पहले जरूरी है कि सहजन से होने वाले नुकसानों पर भी नजर डाल ली जाए।
लो ब्लड प्रेशर वालों के लिए सहजन हानिकारक (Drum Stick May Be Harmful for Low Blood Pressure Patients)
सहजन हार्ट के लिए बेहद गुणकारी हैं लेकिन लो ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए बहुत नुकसानदेह होता है। सहजन का उपयोग लो ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम में नहीं करना चाहिए इससे हाई बीपी का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप लो ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो आपको सहजन से परहेज करना चाहिए।
प्रेग्नेंसी और पीरियड्स में सहजन से दूरी रखें (Avoid Drum Stick During Pregnancy and Periods)
सहजन का सेवन प्रेग्नेंसी और पीरियड्स के दौरान करने से बचना चाहिए। अधिक मात्रा में सहजन का सेवन करने से शरीर में पित्त दोष बढ़ जाता हैं, जिससे पीरियड्स के दौरान दर्द बढ़ने की संभावना होती हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान सहजन खाने से अबॉर्शन का खतरा बढ़ता है।
डिलीवरी के तुरंत बाद ना खाएं सहजन (Avoid Drum Stick Right After Delivery)
डिलीवरी के ठीक बाद सहजन का सेवन करने से बचना चाहिए। सहजन के बीज, सहजन की छाल आदि का डिलीवरी के ठीक बाद इस्तेमाल करना नुकसानदायक होता है। गर्भावस्था या डिलीवरी के बाद भी डॉक्टर की सलाह के बाद ही सहजन का उपयोग करना चाहिए।
मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है नकारात्मक प्रभाव (Drumstick May Affect Mental Health)
सहजन में इसोथियोसीयानेट और ग्लाइकोसाइड सायनाइड जैसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए विषैले माने जाते हैं। सहजन खाने से तनाव और डिप्रेशन की समस्या हो सकती है, जिसका असर आपके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता हैं।
डिस्क्लेमर- सहजन के विषय में यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। अपनाने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। सहजन का उपयोग या परहेज आपका निजी विषय हैं, किसी भी तरह की परेशानी के लिए MP News Today जिम्मेदार नहीं होगा।






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