Seoni News: कलेक्टर नेहा मीना (IAS Neha Meena) ने शनिवार को घंसौर विकासखंड में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक ली और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कार्य शुरू न करने वाली 21 ग्राम पंचायतों के सचिवों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मनरेगा में कम मानव दिवस सृजन करने वाली पंचायतों को भी नोटिस थमाने के आदेश दिए गए।
कलेक्टर ने साफ कहा कि पात्र हितग्राहियों को समय-सीमा में किस्त वितरण कर आवास पूर्ण कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जनमन एवं धरती आबा ग्रामों में विशेष ध्यान देने पर जोर दिया।
‘सार्थक ऐप’ से होगी फील्ड अधिकारियों की निगरानी
कलेक्टर नेहा मीना (IAS Neha Meena) ने स्पष्ट किया कि मैदानी अमले की उपस्थिति और कार्यप्रणाली पर अब “सार्थक ऐप” के जरिए कड़ी नजर रखी जाएगी। सीईओ, एई और सब-इंजीनियर सहित सभी फील्ड अधिकारियों की उपस्थिति इसी ऐप से सुनिश्चित होगी। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि फील्ड में अनुपस्थित पाए जाने पर सीधे जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। मनरेगा के अंतर्गत शत-प्रतिशत ई-केवाईसी एक माह में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।
जल गंगा संवर्धन अभियान: लक्ष्य नहीं, स्थायी जल उपलब्धता पर फोकस
जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा में खेत तालाब, डगवेल, वाटरशेड और भू-जल रिचार्ज कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक कार्य स्वीकृत कर समय-सीमा में पूरे किए जाएं, लेकिन जोर केवल लक्ष्य पूर्ति पर नहीं, बल्कि स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित करने पर हो।
उन्होंने वर्षा जल संचयन को प्रभावी बनाने, भू-जल स्तर में सुधार लाने और भविष्य में पेयजल व सिंचाई संकट कम करने की दिशा में कार्य करने पर बल दिया। जनभागीदारी को अभियान की सफलता की बुनियाद बताते हुए तालाबों के गहरीकरण और सफाई में ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया। किसानों को तालाबों से निकली गाद खेतों में उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के भी निर्देश दिए गए, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़े।
पेयजल, पौधरोपण और आधारभूत सुविधाओं पर भी दिए निर्देश
“एक बगिया माँ के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण कार्यों में पौधों की उत्तरजीविता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नवीन आंगनवाड़ी केंद्र, पोषण वाटिका और वाटर हार्वेस्टिंग कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने के लिए आरईएस अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
नल-जल योजना की ग्रामवार समीक्षा में पेयजल आपूर्ति निर्बाध रखने, बंद हैंडपंपों में मोटर लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था करने और गर्मी के मद्देनजर अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी पंचायत में सचिव या जीआरएस का पद रिक्त न रहे और आवश्यकतानुसार निकटतम ग्राम के कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया जाए।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत अंजली शाह, एसडीएम बिसन सिंह सहित सभी पंचायतों के सचिव, रोजगार सहायक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।





